पीलीभीत के हजारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव चंदिया हजारा में चकबन्दी की मांग को लेकर गुरुवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। गांव के पूर्व प्रधान कुमुद रंजन राय द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि गांव की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पर अवैध कब्जा हो चुका है, जिससे सरकारी भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की थी कि गांव में चकबन्दी कराकर न सिर्फ सरकारी जमीन को चिन्हित किया जाए, बल्कि पात्र लाभार्थियों को पट्टे भी आवंटित किए जाएं।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम गांव पहुंची और क्षेत्र पंचायत सदस्यों व ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक गुरुवार सुबह 10 बजे हुई, जिसमें भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों ने चकबन्दी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे जमीन संबंधी विवाद समाप्त होंगे, पारदर्शिता आएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
बैठक में अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग को उचित ठहराया और चकबन्दी के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया। यह प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा जाएगा, जिसकी स्वीकृति के बाद गांव में चकबन्दी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चकबन्दी से न केवल सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा सकेगा, बल्कि भूमि सुधार की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
पूर्व प्रधान कुमुद रंजन राय ने जानकारी दी कि बैठक में गांव के अधिकांश लोगों ने एकमत होकर चकबन्दी की मांग का समर्थन किया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस कदम से भूमि व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पात्र व्यक्तियों को उनके अधिकार मिल सकेंगे।


