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राइसमिल संचालकों व FCI कर्मचारियों में जमकर हुई नोकझोंक, वीडियो आया सामने

FCI कर्मचारियों पर निजी स्वार्थ के चलते चावल की सप्लाई को रिजेक्ट करने का आरोप

पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे के चार्ज संभालने के बाद जिले में धान माफियाओं के हौसले पस्त हो गए थे,इतना ही नहीं भ्रष्टाचार करने वाले और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों को जेल तक जाना पड़ा,क्योंकि जिलाधिकारी ने जिले में आते ही अपने सख्त तेवर धान खरीद को लेकर दिखा दिए थे।इसके बाद भी पीलीभीत में कई अधिकारी अभी भी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं इसकी बानगी ललौरीखेड़ा स्थित एफसीआई के गोदाम पर देखने को मिली, जहां राइस मिल संचालकों ने आरोप लगाया कि FCI के कर्मचारी निजी स्वार्थ के चलते उनके द्वारा दी जाने वाली चावल की सप्लाई को रिजेक्ट कर रहे हैं, क्योंकि जिला अधिकारी की सख्ती के बाद एफसीआई के कर्मचारियों का निजी स्वार्थ पूरा नहीं हो पा रहा।

दरअसल आज एफसीआई के गोदाम पर चावलों के ट्रक रिजेक्ट करने के बाद कारण जानने पहुंचे राइस मिल संचालकों और एफसीआई के कर्मचारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई, राइस मिल संचालकों ने आरोप लगाया कि निजी स्वार्थ पूरा ना होने के चलते उनके द्वारा दी जाने वाली चावल की सप्लाई को रिजेक्ट किया जा रहा है, और तरह-तरह के कारण बताए जा रहे हैं,जबकि जांच में यह सभी कारण खोखले साबित होंगे। इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें एफसीआई के कर्मचारियों और राइस मिल संचालकों के बीच जमकर नोकझोंक होती दिखाई दे रही है ऐसे में सवालिया निशान खड़ा होता है आखिरकार जिला अधिकारी के सख्त रवैया के बाद भी जिम्मेदार सुधारने का नाम क्यों नहीं ले रहे।

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