पीलीभीत में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों से बढ़ते पानी के दबाव के चलते बुधवार को बनबसा बैराज से शारदा नदी में 1.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, ड्यूनी डैम से शाम करीब पांच बजे देवहा नदी में 30 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
नदियों का जलस्तर बढ़ता देख प्रशासन ने देवहा नदी के किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को सावधानी बरतने और नदी के किनारे न जाने की हिदायत दी गई है। राजस्व, सिंचाई और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि पहाड़ों से पानी का रुख लगातार जारी है।बनबसा बैराज और ड्यूनी डैम से छोड़े गए पानी का असर अगले 12 से 18 घंटों में निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है।
देवहा नदी के किनारे बसे गांव और बस्तियों में पानी घुसने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए चेताया जा रहा है। प्रशासन ने नावें और रेस्क्यू टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण खेतों में पहले से ही पानी भरा है, और यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो फसलें डूबने का खतरा है। जिले में पहले से ही कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है।


