पीलीभीत के बीसलपुर विकासखंड के ग्राम अहिरबाड़ा के मजरा दुबा में विकास की हकीकत उस समय खुलकर सामने आ गई, जब रास्ता न होने के कारण एक बीमार वृद्धा को ग्रामीण पानी से भरे रास्ते में चारपाई पर उठाकर ले जाते नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
ग्रामवासियों के अनुसार, कई बार शिकायत के बावजूद गांव में पक्की सड़क या खड़ंजा नहीं बिछाया गया। बारिश के मौसम में रास्ते पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी में होकर निकलने से वे बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इस बार तो हालात इतने बदतर हो गए कि एक बीमार वृद्धा को अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूरन पानी में उतरकर चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के प्रधान और सचिव ने विकास योजनाओं के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए हैं। रिबोर, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाओं के नाम पर कागजों में काम दिखा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पानी से लबालब भरे कीचड़युक्त रास्ते में ग्रामीण चारपाई उठाकर चल रहे हैं और महिला की हालत गंभीर दिखाई दे रही है। यह तस्वीर न केवल विकास कार्यों की पोल खोलती है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को भी उजागर करती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार प्रधान व सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक गांव में पक्की सड़क और उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं बनती, तब तक इस तरह की परेशानियां हर साल झेलनी पड़ेंगी। फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं कि इतनी गंभीर समस्या के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।


