पीलीभीत के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी सभागार में रविवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ का चुनाव उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस चुनाव में कई पदों के लिए नामांकन हुए, जिनमें से अधिकांश पदों पर प्रत्याशियों को सर्वसम्मति से निर्विरोध चुन लिया गया। चुनाव नतीजे सामने आने के बाद मठाधीशों की मठाधीसी खत्म होती नजर आई।
अध्यक्ष पद के लिए राकेश कुमार और अश्वनी कुमार राजा ने नामांकन प्रस्तुत किया था, लेकिन निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी सदस्यों की सहमति से वेतन लिपिक पद पर तैनात छेदालाल को अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर हेमा गुप्ता, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर नरेश वर्मा, संयुक्त मंत्री पद पर संजीव कुमार सक्सेना,संगठन मंत्री पद पर अतुल कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर प्रियांशु पांडे, संस्कृति कला पद पर विवेक कुमार शर्मा और संप्रेक्षक पद पर शशिवाला निर्विरोध निर्वाचित हुए। इन सभी पदाधिकारियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया।
मंत्री पद के लिए धर्मेंद्र कुमार और शोभित सक्सेना के बीच मुकाबला तय था, लेकिन धर्मेंद्र कुमार ने सहमति से अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके चलते शोभित सक्सेना निर्विरोध मंत्री बना दिए गए।
संगठन के नियमों के अनुसार यह कार्यकारिणी दो साल के लिए चुनी जाती है, लेकिन सदन द्वारा अध्यक्ष पद के लिए छेदालाल को चुना गया है। जानकारी के अनुसार निर्विरोध अध्यक्ष बने छेद लाल के सेवानिवृत्त होने में लगभग पौने दो साल का समय शेष है। ऐसे में कार्यकाल और सेवानिवृत्ति के बीच तालमेल को लेकर कर्मचारी संगठन में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
चुनाव समिति के सूत्रों ने बताया कि लोकतांत्रिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए सभी पदों पर सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सहमति से चुनाव संपन्न हुआ। साथ ही सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन की मजबूती और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के प्रति समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
मठाधीशों को नहीं मिला मौका,नए चेहरों ने संभाली कमान
आमतौर पर उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के चुनाव में पुराने चेहरे ही मैदान में कमान संभालते नजर आते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ पुराने मठाधीशों पर भरोसा ना जताते हुए कार्यकारिणी ने सर्व सहमति से नए चेहरों को संघ में काम करने का मौका दिया है।


