पीलीभीत के नेहरू पार्क में हुए सौंदर्यीकरण कार्य में बरती गई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की पोल रविवार की बारिश ने खोल दी है। भारी बारिश के बाद पार्क की बाउंड्री वॉल गिर गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक हो गया है। नागरिकों ने शुरुआत से ही अधोमानक सामग्री के प्रयोग और नियमों के विरुद्ध ठेका दिए जाने की शिकायतें की थीं।

बारिश में उजागर हुई लापरवाही
रविवार को हुई भारी बारिश के कारण नेहरू पार्क की बाउंड्री वॉल ढह गई, जिससे शहरवासियों में आक्रोश फैल गया है। सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने से पहले ही वाटर पार्क की बाउंड्री वॉल और रेलिंग गिर चुकी थी। यह घटना नगर पालिका परिषद की कार्यशैली पर नए सवाल खड़े करती है।
भ्रष्टाचार के आरोप जारी
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका परिषद ने एक चाहिते ठेकेदार की फर्म को पार्क के सौंदर्यीकरण का ठेका दिया था। नियमों को ताक पर रखकर ठेका दिए जाने की खबरें बार-बार सामने आई हैं। कार्य प्रारंभ होते ही अधोमानक सामग्री के उपयोग, तकनीकी परीक्षणों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों की उल्लंघन की शिकायतें उठती रहीं।
जनता में रोष और जवाबदेही की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नगर पालिका परिषद से जवाबदेही तय करने की मांग की है। भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग हो रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की भी मांग हो रही है। इस पार्क का सौंदर्यीकरण 1 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से किया गया था।
पार्क का इतिहास और विवाद
पीलीभीत में हुई तेज बारिश के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव के साथ-साथ नेहरू पार्क की बाउंड्री वॉल भी गिर गई। लगभग 2 महीने पहले 1 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से हुए सौंदर्यीकरण कार्य के बाद भी निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न हुआ है। तत्कालीन जिलाधिकारी जयशंकर मिश्रा और पूर्व सांसद मेनका गांधी की पहल पर 16 जनवरी 1990 को इस पार्क का उद्घाटन हुआ था और समय-समय पर इसमें सौंदर्य कारण होते रहे हैं।
पार्क निर्माण के दौरान समय-समय पर अधोमानक कार्य और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। विवाद तब और बढ़ गया जब पूर्व जिलाधिकारी और सांसद समेत पार्क के बाहर लगे जनप्रतिनिधियों के पत्थर ठेकेदार द्वारा हटाए गए, जिसे लेकर प्रशासनिक हस्तक्षेप हुआ और नई व्यवस्था करवाई गई।
नवनिर्मित व बाउंड्री वॉल गिरने की घटनाओं ने नगर पालिका को शर्मिंदा किया है। 20 दिन पहले भी हुई मूसलाधार बारिश में वाटर पार्क की रेलिंग और बाउंड्री वॉल गिर गई थी, जिस पर नगर पालिका की कड़ी आलोचना हुई थी। रविवार को यह समस्या पुनः हुई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के प्रतिनिधि राकेश सिंह ने अधिकारियों से शिकायत की हुई है तथा नेहरू पार्क की गुणवत्ता की जांच चल रही है। बाउंड्री वॉल गिरने की सूचना मिलने पर पीलीभीत नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।


