पीलीभीत में लगातार चार दिन से बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार को भी भारी बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए, कई स्थानों पर जलभराव की समस्या ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। खासकर शहर के मोहल्लों में पानी इतना बढ़ गया कि अधिकांश इलाके टापू में तब्दील हो गए हैं। नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका पर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है।
बारिश और जलभराव के कारण कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों को सोमवार 1 सितंबर को बंद रखने का फैसला जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सुरक्षा और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया है। स्कूलों में जलभराव और अन्य समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें। जिलाधिकारी ने स्कूल छुट्टियों के आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी बीएसए को सौंपी है।
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने नालों की खुदाई कराई है और जल निकासी पर कड़ी नजर रख रहा है। जिले के कई स्थानों पर जल जमाव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें तालाब बन गई हैं और कुछ घरों में भी बारिश का पानी घुस गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। प्रशासन ने मौसम विभाग के साथ मिलकर स्थिति की लगातार समीक्षा कर अलर्ट जारी कर रखा है।
इस बारिश से पीलीभीत के लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है, कामकाज में बाधा आई है और धीरे-धीरे स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने जनता से भी अपील की है कि वे बारिश के दौरान सावधानी बरतें और आवश्यकतानुसार प्रशासन का सहयोग करें। इस तरह के हालात में प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा और नुकसान को कम करना है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह का निर्देश मिलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने रविवार देर शाम करीब 8:00 बजे एक आदेश जारी कर बताया कि जिले में भारी वर्षा और जलभराव के कारण जिले के कक्षा 6 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, स्ववित्त पोषित, सीबीएसई, आईसीएससी, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय एवं संस्कृत बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 1 व 2 सितंबर 2025 को दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश केवल छात्रों के लिए होगा। शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहकर प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन करेंगे। स्ववित्त पोषित विद्यालयों के स्टाफ का अवकाश नियोक्ता के निर्णय पर निर्भर होगा। आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।


