
पीलीभीत की पूरनपुर तहसील के शारदा ट्रांस क्षेत्र अंतर्गत सिद्धनगर गांव और आसपास का इलाका इन दिनों भारी जलभराव से जूझ रहा है। पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गांव की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक पानी भर चुका है, जिससे आम लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चे, रोजमर्रा के कामकाज पर निकलने वाले मजदूर और किसान सभी जलभराव की मार झेल रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परेशानी केवल बारिश के पानी से नहीं, बल्कि शारदा नदी में बढ़ते जलस्तर से भी है। बनबसा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सिद्धनगर के कई निचले इलाकों में तो पानी घरों में घुसने की स्थिति में है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। कई परिवारों ने अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर रखना शुरू कर दिया है।
गांव के बुजुर्ग रामऔतार का कहना है, “अगर पानी का स्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो हमें रातोंरात गांव छोड़ना पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसल पहले ही पानी में डूबने लगी है।” वहीं, महिलाओं का कहना है कि जलभराव के कारण पीने के पानी और जरूरी सामान की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है।
सिद्धनगर मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाने से प्रशासनिक मदद भी गांव तक समय पर नहीं पहुंच पा रही है। ग्रामीण नाव या ट्रैक्टर ट्रॉलियों की मदद से एक-दूसरे की सहायता कर रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और कई परिवारों ने अपने मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर बांध दिया है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत व बचाव दल भेजा जाएगा। लेकिन ग्रामीणों को डर है कि अगर बारिश और नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। फिलहाल, गांव के लोग चिंतित नज़रों से आसमान और नदी के बहाव को देख रहे हैं, उम्मीद कर रहे हैं कि पानी जल्द ही कम हो और जीवन फिर से सामान्य हो सके।


