पीलीभीत में भारी बारिश के बाद शहर की हालत बेहद खराब हो गई है। पिछले कई दिनों से लगातार पानी भरने के कारण स्थानीय जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।जलभराव से परेशान होकर कृष्ण विहार कॉलोनी और वार्ड नंबर 19 के लोगों ने ओम लोन के बाहर आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया और नगर पालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर व्यवस्था में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए व्यवस्था सुधारने की मांग की।

जलभराव की गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार और जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारी पैदल ही पानी भरी गलियों में घूमकर हालात का निरीक्षण करते नजर आए। स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए राज्य मंत्री गंगवार बेहद नाराज दिखे और कहा, “पूरा शहर डूब गया है, ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं हुई।” मंत्री ने नगर पालिका ईओ को सस्पेंड करने की बात भी रखी। उनकी नाराजगी गंदा पानी घरों में घुसने और व्यवस्थाओं की लचर हालत पर थी।
जलभराव से शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त
लगातार बारिश ने शहर के वल्लभनगर कॉलोनी, अशोक कॉलोनी सहित एक दर्जन से ज्यादा इलाकों को टापू में तब्दील कर दिया। यहां बारिश का पानी घरों तक घुस गया है जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों, गलियों और कॉलोनियों में भारी जलभराव के कारण वाहन और पैदल यात्री दोनों को कठिनाई हो रही है।नगर पालिका, DIOS ऑफिस सहित आधा दर्जन से अधिक सरकारी कार्यालय भी जलमग्न नजर आए। कर्मचारियों को ऑफिस पहुंचने और काम करने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इससे प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
एक तरफ जहां शहर के अलग-अलग इलाकों में जल भराव से हालात बिगड़ते जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरे हैं उनके साथ राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार भी मौजूद हैं स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि नगर पालिका के अध्यक्ष कहीं नजर नहीं आ रही।
पूरे मामले पर जब नगर पालिका की अध्यक्ष आस्था अग्रवाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि नगर पालिका का सभी स्टाफ दिन-रात मेहनत कर रहा है और हमारी कोशिश है कि शहर का पानी जल्द से जल्द निकाला जा सके इस स्थिति में हमें किसी पर आरोप प्रत्यारोप करने की जगह सहयोग करना चाहिए।


