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पीलीभीत। जिले में लंबे समय से मानकविहीन और घटिया गुणवत्ता वाली सड़कों के निर्माण को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों का आखिरकार शासन ने संज्ञान ले लिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कों की गुणवत्ता जांचने के लिए शासन से भेजी गई टीएसी जांच टीम ने जिले में डेरा डाल दिया। जांच की आहट मिलते ही विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, जांच टीम फिलहाल पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड और निर्माण खंड में चल रहे व हाल ही में पूरी हुई परियोजनाओं की गहन समीक्षा करेगी। टीम का पहला फोकस क्षेत्र पूरनपुर इलाके की सड़क निर्माण परियोजनाएं बताई जा रही हैं, जहां लगातार घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं।
जांच टीम के पहुंचते ही विभागीय अफसर अधिकारियों ने स्वागत-सत्कार की पूरी तैयारी कर दी, ताकि टीम की नजर में विभाग की छवि खराब न हो। वहीं, दशकों से एक ही जनपद में जमे कई जूनियर इंजीनियरों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों ने पूरे जिले में भ्रष्टाचार का जाल फैला रखा है और सड़कों के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी की कई परियोजनाओं में मानक से कम मोटाई की सड़कें डाली गई हैं, घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है और कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम रिकॉर्ड में दर्ज कराकर वास्तविक कार्य तक नहीं कराया गया। अब जब शासन स्तर से सीधी जांच बैठ गई है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस अनियमितता पर क्या कार्रवाई करती है।
जांच टीम की कार्रवाई ठेकेदारों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है। कई ठेकेदारों को आशंका है कि फर्जी बिलिंग और मानकविहीन निर्माण का राज खुलते ही उन पर आर्थिक दंड और एफआईआर जैसी सख्त कार्रवाई हो सकती है।
जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच टीम पूरी पारदर्शिता से सभी कार्यों की समीक्षा करेगी और रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले के पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
चीफ इंजीनियर के सुपरविजन में गठित हुई टीम
शासन से जो जांच टीम पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़कों की जांच करने के लिए आई है,बताया जाता है कि उसमें सुपरविजन करने के लिए चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया गया है। जांच टीम के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग के बरेली मंडल के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता भी मौजूद हैं।


