पीलीभीत के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में चल रही प्रैक्टिकल परीक्षाओं के दौरान छात्रों से नंबर बढ़ाने के नाम पर अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंटरनेट मीडिया पर इस वसूली का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद विभाग और संस्थान प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान के प्रधानाचार्य ने निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं।
अच्छे अंक दिलाने के नाम पर मांगे ₹2000 से ₹2500
शहर स्थित इस आईटीआई संस्थान में वर्तमान में विभिन्न ट्रेडों के करीब 300 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व संस्थान में प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले, भीड़ के बीच कुछ विभागीय कर्मचारियों द्वारा छात्रों को बेहतर अंक दिलाने का झांसा दिया गया।
आरोप है कि प्रैक्टिकल में पास कराने और अच्छे नंबर देने के एवज में प्रति छात्र 2,000 से 2,500 रुपये तक की मांग की गई। परीक्षा में फेल होने या अंक कम होने के डर से कई विद्यार्थियों ने चुपचाप यह रकम कर्मचारियों को सौंप भी दी।
छात्र ने बनाया वीडियो, पूरनपुर प्रधानाचार्य को सौंपी गई जांच
वसूली के इस खेल के दौरान वहां मौजूद किसी छात्र ने मोबाइल से चुपके से एक वीडियो बना लिया, जो अब सार्वजनिक हो चुका है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कर्मचारियों और छात्रों के बीच रुपयों के लेनदेन की बात हो रही है। वीडियो वायरल होते ही संस्थान में खलबली मच गई।
मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आईटीआई के प्रधानाचार्य शरद चंद्र सागरवाल ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच पूरनपुर आईटीआई के प्रधानाचार्य को सौंप दी है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: प्रधानाचार्य
संस्थान के प्रधानाचार्य शरद चंद्र सागरवाल ने कहा:
“वायरल वीडियो का मामला हमारे संज्ञान में आया है और इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच का जिम्मा पूरनपुर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सौंपा गया है। सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जाएगी और यदि संस्थान का कोई भी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”


